जीवन का रहस्य जानने के लिए विनोद खन्ना ओशो के अनुयायी बनें

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amitविनोद खन्ना एक ऐसा सदाबहार अभिनेता जिसका नाम आते ही परवरिश, मुकद्दर का सिकंदर, दयावान, इम्तिहान, मेरा गांव मेरा देश, ज़ुर्म जैसी तमाम फिल्में हमारी आंखों के सामने आ जाती हैं. विनोद खन्ना ने तरह-तरह के किरदार निभाए और उन्हें पर्दे पर जीवंत कर दिया. स्टारडम, संन्यास और सियासत को जीने वाले विनोद खन्ना अपनी अंतिम भूमिका में सबको रुला गए.

अमित यादव, स्वतंत्र लेखक
चाहे वो ‘इम्तिहान’ के कॉलेज प्रोफेसर की भूमिका हो या ‘मुकद्दर का सिकंदर’ के एक ऐसे नौजवान की भूमिका जो जीवन की उलझनों से दो चार होता हुआ अपनी धुन में आगे बढ़ रहा हो. विनोद ने अपने किरदार से करोड़ो लोगो के दिलो में जगह बनाने का इम्तिहान पास किया और ‘फिल्मों के मुकद्दर’ के सिकंदर बन गए.

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विनोद खन्ना ने कभी किसी किरदार को निभाने में संकोच नहीं किया. हर तरह के किरदार को परदे पर बखूबी निभाया और उसे जिया. विनोद खन्ना उन चुनिन्दा अदाकारों में से थे जिन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत बतौर खलनायक की और एक बेहतरीन हीरो के रूप में लोगों के दिलों में समा गए.

जहां वो एक तरफ इम्तिहान में एक गम्भीर प्रोफेसर की भूमिका में नज़र आए वहीं दूसरी तरफ दयावान में खलनायक की भूमिका करने में भी संकोच नहीं किया.

विनोद खन्ना ने अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं को अपनी बेहतरीन अदाकारी के माध्यम से परदे पर उतारा और दर्शकों का मनोरंजन किया.

विनोद की खुद पर प्रयोगों की प्रवृत्ति और हर पल कुछ नया करने का जज़्बा उन्हें उन अदाकारो की सूची में लाकर खड़ा कर देता है जिन्होंने अपने आप को कभी किसी छवि में कैद करके नहीं रखना चाहा. यही कारण है की सब कुछ होते हुए भी वो जीवन को समझने के लिए ओशो की शरण में चले गए.

इस दुनिया में बहुत कम लोग होते हैं जो जीवन को समझने की कोशिश करते हैं, जीवन के प्रश्नों का उत्तर चाहते हैं और शायद इन्ही प्रश्नों का उत्तर खोजते हुए विनोद खन्ना अपने सफलता के शीर्ष पर होते हुए बॉलीवुड को छोड़कर ओशो के आश्रम में गए.

धन दौलत शोहरत सफलता से परे सोचना और अपनी महत्वकांक्षा से ऊपर उठकर सोचने का विनोद खन्ना का ज़ज्बा उन लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत है जो जिंदगी की भाग दौड़ में जीवन के वास्तविक लक्ष्य से दूर होते जा रहे हैं.

“उनके जीवन की कहानी खत्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई की लोग रोने लगे तालियां बजाते हुए.”

नोट: ये लेखक के अपने विचार हैं

 

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