मंत्री के सुरक्षाकर्मी की बंदूक ने दिया अस्पताल को 52 लाख का झटका

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डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की एमआरआई मशीन से दोबारा जांच शुरू होने में 10 से 12 दिन का समय लगेगा. मशीन के खराब होने के पीछे एक मंत्री जिम्मेदार है. इस मशीन को ठीक करने में अनुमानित 52 लाख का खर्च आने वाला है.

गौरतलब है कि खादी व ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव सिंह पचौरी शुक्रवार को जांच कराने लोहिया संस्थान पहुंचे थे. एमआरआई जांच के लिए गए मंत्री का गनर मुकेश शर्मा जबरदस्ती कंसोल रूम में घुसा था. उसके घुसते ही कमर में लगी गन खिंचकर मशीन में जा फंसी. इस दबंगई का खामियाजा लोहिया संस्थान और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.लोहिया संस्थान को जहां मशीन के बनाने के लिए 52 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे, वहीं मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जांच के लिए भटकना पड़ेगा. हालांकि संस्थान प्रशासन ने एमआरआई शुरू करने के लिए शुक्रवार को ही इंजीनियरों को बुला लिया था. अब मरीजों को 15 दिन बाद की डेट दी जा रही है.

आपको बता दे, पचौरी उत्तर प्रदेश के मंत्री है. मुकेश शर्मा नाम का सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात था. जैसे ही मंत्री साहब एमआरआई कराने के लिए रूम में गए उनके सुरक्षाकर्मी भी वहां चले गए. मशीन के पास जैसे ही सुरक्षाकर्मी पहुंचा मशीन ने उसकी बंदूक अपने तरफ खींच ली. पचौरी को ब्लड प्रेसर कम होने की शिकायत के बाद एमआरआई की जांच के लिए भेजा गया था. इस घटना के बाद सुरक्षाकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया है.

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