20 छोटे चांदो से मिलकर बना अपना चांद!

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चंदा मामा को लेकर कई कहानियां है. इसकी उत्पत्ति को लेकर अब तक ठीक अनुमान नहीं लगाया गया है. कुछ वैज्ञानिको का कहना है कि चांद पृथ्वी से टकराए उल्कापिंड से बना जिसे थिया कहा गया. कहा जाता है कि अरबो साल पहले पृथ्वी से एक उल्कापिंड (जो चांद के आकार का था) टकराया जिससे पृथ्वी 22.5 डिग्री अपने अक्ष पर झुकी और टकराव के बाद यह चांद बन गया. लेकिन इजराइल के वैज्ञानिको ने अपनी रिसर्च में कहा है कि चांद एक नहीं दो नहीं तीन नहीं कुल 20 छोटे चांदो से मिलकर बना है. और इसकी उत्पत्ति थिया से नहीं बल्कि पृथ्वी के तत्वों से हुई है.

इजरायल के वैज्ञानिको का दावा है कि मौजूदा चांद की उत्पत्ति करीब 20 छोटे चांदों के आपस में मिलने से हुई है. अरबों साल पहले जब हमारी पृथ्वी अस्तित्व में आई तब उससे क्षुद्र ग्रह टकराए. तब इस टकराव से पृथ्वी से निकले छोटे छोटे तत्वों से चांद का निर्माण हुआ. इजरायल के वैज्ञानिको की रिसर्च को साइंस जर्नल नेचर जियोसाइंस में प्रकाशित किया गया है. इजरायल के वैज्ञानिको ने जायंट इम्पैक्ट हाइपोथिसिस के मौजूदा सिद्धांत पर भी सवाल खड़े किए है. जिसमें कहा गया है कि पृथ्वी से चांद के आकार का एक गृह (थिया) टकराया था. और उसके बाद पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकी और थिया पृथ्वी की कक्षा में स्थापित हो गया. जो चांद बना.

लेकिन इजरायल के वैज्ञानिकों का दावा है कि चांद की उत्पत्ति थिया नाम के गृह के टकराने से नहीं हुई थी. अगर ऐसा होता तो चांद पर पृथ्वी में पाए जाने वाले तत्व नहीं मिलते. चांद से लाए गए नमूनो में वैज्ञानिको ने पाया है कि वहां पृथ्वी के तत्व ही है. जिससे साफ होता है कि टक्कर के बाद पृथ्वी से निकले कचरे से चांद बना. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रक्रिया एक दो बार नहीं हुई बल्कि 20 बार हुई होगी. तभी मौजूदा चांद इतना बड़ा है.

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