सीरिया में ईरान ने दागी मिसाइले, अमेरिका ने गिराया सीरिया का विमान

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मेरिकी लड़ाकू विमान ने सीरियाई सेना के एक जेट एसयू 22 विमान को मार गिराया है. अमेरिका का आरोप है कि सीरिया का जेट विमान अमेरिका समर्थित सैन्य बलों पर बम गिरा रहा था इसलिए उसे निशाना बनाया गया है जबकि सीरिया का कहना है है कि जिस विमान को गिराया गया वो इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियो के खिलाफ मिशन पर था. इस्लामिक स्टेट को निशाना बनाकर ईरान ने भी सीरिया में मिसाइले दागी है उसी के बाद अमेरिका ने सारिया का विमान गिरा दिया.

ईरान ने अपनी संसद पर हुए आईएसआईएस के हमले का बदला लेने के लिए सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानो पर मिसाइलो से हमला किया. उसी दिन अमेरिका ने ईरान के दोस्त सीरिया का विमान गिराकर संदेश दिया है कि इस इलाके में असली ताकत अमेरिका है.162

सीरिया की सेना ने कहा कि, “ऐसे हमले सेना के प्रयासों को कमजोर करने की कोशिश है. हमारी सेना ही अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आतंक के खिलाफ कारगर तरीके से लड़ रही है.”

सीरिया ने अपने बयान में कहा है कि, “यह हमला उस वक्त हुआ है जब सीरियाई सेना अपने सहयोगियों के साथ इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ निर्णायक बढ़त हासिल करने की ओर बढ़ रही है.”

दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा है कि, “सीरियाई आर्मी के एसयू-22 जेट ने अमेरिका के समर्थन वाली सेना के करीब बम गिराए, उसके बाद ही उसे तुंरत यूएस एफ/ए-18ई सुपरहार्नेट लड़ाकू विमान ने मार गिराया गया. सीरियाई प्लेन को साझा सहयोगी सुरक्षा बलों की ओर से आत्मरक्षा में मार गिराया गया है.”

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि “जेट विमान को मार गिराए जाने से पहले अपने रूसी समकक्षों से टेलीफोन के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई थी. हम सीरियाई सरकार, रूस या सीरियाई के समर्थन वाली सेना से नहीं लड़ना चाहते, लेकिन अपनी या सहयोगियों की रक्षा में एक्शन लेने से पीछे नहीं हटेंगे.”

गौरतलब है कि अमेरिका सीरिया के शिया शासक का तख्ता पलट करना चाहता है लेकिन रुस और ईरान को ये मंजूर नहीं है. सीरिया के विद्रोहियो को अमेरिका समर्थन देता है और सीरिया की सेना को रुस और ईरान से मदद मिलती है. सुन्नी आंतकवादी संगठन आईएसआईआई मौके का फायदा उठाकर सीरिया के कई शहरो और तेल के इलाको पर कब्जा जमाने में कामयाब रहा है.

अमेरिका, रुस, ईरान, तुर्की, इराक और सीरिया की सेना सभी आईएसआईएस के आतंकवादियो के सफाए के लिए उनपर हमले कर रहे है लेकिन सीरिया के समर्थन में रुस और ईरान के आ जाने से इनका अमेरिका के साथ तनाव बढ़ रहा है.

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