सहारनपुर में हिंसा और जातीय तनाव जारी, डीएम और एसएसपी हटाए गए

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हारनपुर में जातीय हिंसा और तनाव अभी भी बरकरार है.  बुधवार को भी दो लोगो को गोली लगी और एक शख्स तलवार के हमले में घायल हो गया. योगी सरकार ने अब डीएम और एसएसपी को हटाकर नए अधिकारियों को शांति बहाली की जिम्मेदारी सौंपी है. गृह सचिव व एडीजी एलओ ने 48 घंटे में अमन बहाली का दावा किया है. मायावती के दोरे के बाद शब्बीरपुर गांव में नेताओं के दोरे पर रोक लगा दी गई है. पूरे राज्य में पुलिस और प्रशासन को सतर्क कर जातीय प्रदर्शनो पर भी रोक लगा दी है.

सहारनपुर में बुधवार को भी दलितो और राजपूतो के टकराव में दो लोगो को गोली लगी और एक व्यक्ति पर तलवार से हमला किया गया. मंगलवार को भी मायावती के दौरे के बाद दलितो पर हुए हमले में 1 की मौत हो गई थी जबकि 6 लोग घायल हो गए थे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर की घटना को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. ऊर्जा मंत्री और सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि, “मुख्यमंत्री ने घटना में मृत युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट करते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शांति बहाली में सहयोग करने की अपील की है.”

शर्मा ने कहा कि. “यह अपेक्षा थी कि सहारनपुर में मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जाने से वहां शांति बहाली में सहयोग मिलेगा लेकिन, ऐसा न होना दुखद है। वहां शांति का वातावरण बन चुका था लेकिन, उनके पहुंचने पर अशांति का माहौल बना और दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, जिसमें निर्दोष युवक मारा गया.”

दूसरी ओर मायवती ने सहारनपुर में जातीय हिंसा के लिए पुलिस-प्रशासन की लापरवाही और बीजेपी और आरएसएस की भेदभाव की नीति को जिम्मेदार ठहराया है.

जातीय हिंसा को रोकने में नाकाम रहने की गाज डीएम और एसएसपी पर गिरी है. प्रमोद कुमार को सहारनपुर का नया डीएम और बबलू कुमार को नया एसएसपी बनाया गया हैं. दोनों अधिकारियों ने रात में ही अपना चार्ज संभाल लिया. 20 से ज्यादा लोगो को गिरफ्तार भी किया गया है.

पूरे पर्देश में हाई अलर्ट घोषित किया गया है औरजातीय रैलियों, आंदोलन, धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में तैनात अधिकारियों को सड़कों पर गश्त करने का निर्देश दिया गया है.

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