सहारनपुर में फिर हिंसा 1 की मौत, जातीय तनाव बढ़ा

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हारनपुर में मंगलवार को एक बार फिर दलितों और राजपूतों के बीच हिंसक टकराव हो गया. ताजा झड़प में सात लोग घायल हो गए जिनमें से बाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई. एक महीने के अंदर सहारनपुर में यह हिंसा की तीसरी घटना है. दो समुदायो के टकराव में अबतक दो लोगो की मौत हो चुकी है.

मंगलवार को मायावती के दौरे से पहले और बाद में दोनो समुदायो के लोग आमने-सामने आ गए. पहले पथराव हुआ और फिर तलवारो से हमले किए गए.

बीएसपी प्रमुख मायावती के शब्बीरपुर गांव पहुंचने से पहले कुछ घरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई. मायावती के जाने के बाद कुछ लोगों ने वहां से लौट रहे लोगो पर तलवारो से हमला कर दिया. जिसमें सात लोग घायल हो गए और एक की मौत हो गई. इलाके में भारी तनाव है और रैपिड एक्शन फोर्स को भी तैनात किया गया है.

मायावती ने शब्बीरपुर पहुंच कर कहा कि ” दलितों और ऊंची जाति के सभी लोगों को शांति बनाकर रहना चाहिए, क्योंकि लोग राजनीति करके अपने घर चली जाते हैं, आप लोगों को यहीं रहना है. मेरी लोगों से बात हुई कि वे एक मूर्ति आम्बेडकर साहब की लगाना चाहते थे, लेकिन डीएम और एसएसपी ने इसकी परमीशन नहीं दी. हमारे लोगों ने डीएम व एसएसपी की बात मान ली. फिर महाराणा प्रताप जयंती आई. उसकी भी परमीशन उनके पास नहीं थी. हमारे लोगों ने एसएसपी व डीएम को कॉल किया लेकिन कोई नहीं आया और झगड़ा हुआ. यह सारी लापरवाही प्रशासन व पुलिस की है. उससे भी ज्यादा सूबे की सरकार योगी की है, क्योंकि जो आदेश आदेश ऊपर से मिलता है वही डीएम, एसएसपी करते हैं. मेरी चार बार हुकूमत रही लेकिन कभी कोई दंगा नहीं हुआ.”

दूसरी ओर सहारनपुर की हिंसा पर प्रदेश सरकार के मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि, “मायावती ने अपनी राजनीतिक जमीन खो दी है और उनके भाई ने दूसरी जमीन गंवा दी है. उनको घड़ियाली आंसू का लाभ मिलने वाला नहीं है. सरकार वहां ठोस कार्रवाई कर रही है.”

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