संपादकीय: पाकिस्तान की टेढ़ी पूंछ में लगाओं आग !

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ड़ी में सेना के हेडक्वार्टर्स के बाद अब नगरोटा मे सेना के हेडक्वार्टर्स पर आंतकवादी हमला. दो अफसर और 5 जवानो की शहादत लेकर आंतकवादियो और पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत को खुली चुनौती दी है.

हमारे जाबांज जवानो की कीमती जिंदगी तिंरगा लहराने के लिए है तिरंगे में लिपटकर बार-बार घर वापस आने के लिए नहीं. जवानो को अब देश के लिए मरना नही बल्कि दुश्मन को घर में घुस-घुस कर बार-बार और लगातार मारना होगा.

आतंकवादी जिस तरह से अंदर घुसने में कामयाब हो रहे है इससे साफ है कि सेना की तैयारी, चौकसी और रणनीति में भारी चूक हो रही है. जंग दुश्मन की जमीन पर होनी चाहिए लेकिन आलम ये है कि सेना को बचाव अपने घर में करना पड़ रहा है.

उड़ी के हमले से सबक लेकर ही सबकुछ युद्दस्तर पर चुस्त-दुरस्त होना था लेकिन दुर्भाग्य की बात ये है कि कहीं ना कहीं लापरवाही ने हेडक्वार्टर्स को आतंकवादियो का आसान शिकार बना दिया है.

आतंकवादियो का तरीका जाना-पहचाना है. हर बार वो सेना या पुलिस की वर्दी में आते है. हथगोले फैंककर पहला हमला करते है और हड़कंप मचाने के बाद गोलिया बरसाते हुए अलग-अलग दिशा में फैल जाते है. फिर घंटो उन्हे घेरने और मारने की कार्रवाई में अफसर और जवान शहीद होते है.

भारत का दुश्मन पाकिस्तान शातिर है और उसकी शह पर फिदायीन हमले करने वाले आतंकवादी जेहाद के जुनून में कुछ भी कर गुजरने को बेताब है.

पाकिस्तान के पिट्ठुओं ने देश के राजनीतिक नेतृ्त्व को एक झटके में खत्म करने के लिए संसद पर हमला किया. देश में तबाही मचाने के लिए मुंबई, दिल्ली समेत बड़े शहरो में नागरिको का खून बहाया.

अपने मजहब के आगे सबको काफिर समझने वालो ने मंदिरो को भी मासूमो के खून से लाल किया है और अब ये आतंकवादी सेना के हेडक्वार्टर्स पर हमले कर सेना का खून खौला रहे है.

पाकिस्तान की सेना का नया मुखिया कमर जावेद बाजवा कश्मीर में खून-खराबा कराने का पुराना खिलाड़ी है और हालात बदलने वाले नहीं है. नए मुखिया ने एक ही दिन में दो बड़े आंतकवादी हमले करवाकर जहां अपने इरादे जता दिए है वहीं उसने विदा हुए जरनल राहिल शरीफ को भी फेयरवैल गिफ्ट देकर बता दिया है कि आंतक की उनकी रणनीति बदलेगी नहीं.

अब वक्त आ गया है जब भारत को सर्जिकल स्ट्राइक का खुद ही शोर मचाने की बजाए इतनी सफाई से बार-बार दुश्मन को कड़ा और करारा जवाब देना चाहिए कि वो अपनी जान बचाने के लिए शोर मचाए.

एक दर्द से चैन मिल भी न पाए कि पाकिस्तान को बदले में दूसरा घाव मिल जाए.

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