संत मदर टेरेसा की तीन नीली धारियों वाली साड़ी को मिला बौद्धिक संपदा का दर्जा

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संत की उपाधि से सम्मानित मदर टेरेसा की मशहूर नीले बार्डर वाली साड़ी को मिशनरीज ऑफ चैरिटी की ‘इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी’ के तौर पर मान्यता दी गई है. भारत सरकार की व्यापार चिह्न रजिस्ट्री ने नीले बार्डर की साड़ी के पैटर्न के लिए व्यापार चिह्न का पंजीकरण मंजूर कर दिया है.

मिशनरीज ऑफ चैरिटी की नन सफेद रंग की साड़ी पहनती है. सफेद रंग की इस साड़ी के किनारो पर तीन नीले रंग की धारियां है. पहली धारी अंदर की दो धारियों की तुलना में मोटी है. सफेद रंग और तीन धारियों वाली इस साड़ी को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी की मान्यता इसलिए दी गई है क्योंकि इस मिशनरीज की नन ही केवल ऐसी साड़ियां पहनती है.

मदर टेरेसा ने इस मिशन की शुरुआत की थी. मदर टेरेसा भी ऐसी ही साड़ी पहनती थी. वेटिकन सिटी के सेंट पीटर्स चौराहे पर पोप फ्रांसिस ने मदर टेरेसा को संत की उपाधि से सम्मानित किया. इसलिए मदर टेरेसा को अब संत टेरेसा के नाम से जाना जाता है.

आपको बता दे, इस विशेष साड़ी पर बनी तीन धारियों को इसलिए भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पर मान्यता दी गई है ताकि कोई भी इसका दुरुपयोग ना कर सके. इन तीन धारियों के डिजाइन को अब ट्रेड मार्क के तौर पर मान्यता मिल गई है जो इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का एक भाग है. यह पहली बार है कि किसी तरह की यूनिफॉर्म को इस तरह से इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के तौर पर मान्यता मिली है.

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