रियो ओलंपिक से जुड़े यादगार लम्हें

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जापान की महिला पहलवान रिसाको कावाई जीत के बाद कोच को पटखनी देती हुई.
रियो ओलंपिक 2016 का समापन हो चुका है. इस ओलंपिक में दुनिया के सामने अजब गजब चीजे सामने आई, जो चर्चित रही. आइए नजर डालते है रियो ओलंपिक से जुड़े यादगार लम्हों पर.
पोडियम पर प्यार का इजहार
पोडियम पर प्यार का इजहार
1. पोडियम पर प्यार का इजहार.
 
रियो ओलंपिक 2016 में खेलों के रोमांच के बीच एक लव स्टोरी दुनियाभर में सुर्ख़ियां बन गई. रियो में चीन की तैराक खोह जोह ने महिलाओं के तीन मीटर स्प्रिंगबोर्ड में रजत पदक जीता. उनके ब्वॉयफ्रेंड चिन की ने मेडल सेरेमनी के दौरान ही घुटने के बल बैठकर शादी का प्रस्ताव दे दिया.
 
चिन का ये अंदाज़ खोह जोह के दिल को छू गया. दोहरी खुशी से उनके आंसू निकल आए और उन्होंने हां कह कर अपनी ज़िंदगी के इस लम्हे को हमेशा के लिए सबसे ख़ास बना दिया.
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कोच को खुशी में पटक दिया
कोच को खुशी में पटक दिया
2. खुशी में कोच को मिली पटखनी 
 
जापान की महिला पहलवान रिसाको कावाई ने फ्रीस्टाइल स्पर्धा के 63 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतने पर अपने कोच काजुहितो साकाई को पटखनी दे दी. जीत के बाद जब कावाई के कोच उनके पास पहुंचे तो बजाय गले मिलने के कावाई ने उन्हें वहीं मैट पर दो बार कुश्ती का दांव लगाते हुए पटक दिया. ये नजारा देख दर्शक उत्साही हो गए और सम्मान में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजने लगी. फिर कावाई ने कोच को अपने कंधों पर उठाया और चक्कर लगाने लगी.
 
हिजाब में दौड़ी सऊदी अरब की महिला.
हिजाब में दौड़ी सऊदी अरब की महिला.
3. हिजाब पहनकर दौड़ी करीमन
 
सऊदी अरब की 22 वर्षीय करीमन अबुलजदाएल ने हिजाब पहनकर 100 मीटर की रेस में भाग लिया. वह ऐसा करने वाली पहली महिला थी, जिसके बाद उन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया. 100 मीटर की दौड़ पूरी करने के लिए उन्होंने 14.61 सेकेंट्स का समय लिया.
 
माथे से बहता रहा खून. लेकिन गोल्ड के लिए लड़ते रहे.
माथे से बहता रहा खून. लेकिन गोल्ड के लिए लड़ते रहे.
4. लहुलूहान होकर भी गोल्ड के लिए लड़ते रहे. 
रियो ओलिंपिक के 74 किग्रा कैटेगरी के मेन्स फ्री-स्टाइल रेसलिंग के फाइनल मुकाबले में एनियर लहुलूहान हो गए थे मगर आखरी समय तक गोल्ड मेडल पाने के लिए लड़ते रहे. उन्होंने अपने जज्बे और जुनून से लोगों का दिल जीत लिया.
 
फाइनल मुकाबले में एनियर का सामना ईरानी रेस्लर याजदानिचाराति के साथ था जिन्हे एनियर ने कड़ी टक्कर देते हुए सिल्वर मेडल जीत लिया. इस जीत के बाद उन्होंने दुनिया को अपने जज्बे से दिखा दिया कि कुछ भी नामुमकिन नहीं है. एनियर गेडुएव को अपने पहले बाउट में ही चोट लग गई थी. जिसके बाद उनकी आंख के ऊपर एक बड़ा कट लगा था. एनियर फाइनल में गोल्ड पर दांव नहीं लगा सके. लेकिन उन्होंने सभी का दिल जीत लिया और सिल्वर मैडल जीता.
रेस के दौरान टकराई न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ी
रेस के दौरान टकराई न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की खिलाड़ी
5. रेस के दौरान एक दूसरे से टकराकर गिरना और फिर मदद करना.
 
न्यूजीलैंड की निक्की हेम्बलिन और अमेरिका की एबे डिएगोस्तिनो के आपस में टकराकर गिरने के बाद एक दूसरे की मदद करना और फिर रेस को रोक देना. इसमें खिलाड़ी की स्पोर्ट्समैनशिप देखने को मिली. दोनों खिलाड़ी 5000 मीटर की दौड़ में हिस्सा ले रही थी.
 
एक जूता पहनकर दौड़ी डिरो.
एक जूता पहनकर दौड़ी डिरो.
6. एक जूता पहनकर दौड़ी डिरो.
महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा की प्रबल दावेदार माने जाने वाली डिरो शुरुआत में काफी अच्छी बढ़त बनाए हुए थी, लेकिन बाद में अचानक हुई एक घटना के साथ उनकी रफ्तार कुछ वक्त के लिए थम गई.
 
स्पर्धा में भाग रहे एक अन्य प्रतिभागी की गलती के कारण डिरो का एक पैर का जूता निकल किया, जिसके कारण वह इसे वापस पहनने का प्रयास करती रहीं लेकिन समय और अवसर को हाथ से जाते देख उन्होंने सब कुछ छोड़ कर एक जूते के साथ ही भागना शुरू कर दिया. डिरो करीब 800 मीटर का सिर्फ एक जूता पहनकर दौड़ी. जूता उतरने के बाद वह फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई. लेकिन नैतिकता के आधार पर उन्हें फाइनल में जगह दी गई. फाइनल मुकाबले में वह सातवें नंबर पर रही.
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