संपादकीय: ये लड़के अब बड़े हो गए हैं !

0
206
म चुनाव में नरेन्द्र मोदी की प्रचंड लहर में बह जाने वाले राहुल गांधी को अब 2019 के आम चुनावो से पहले देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में नया जोश और नया दोस्त मिला है अखिलेश यादव. राहुल की सियासत का ये साझा रोड शो उनकी ताकत बढ़ाएगा और दिल्ली की गद्दी से उनकी दूरी को घटाएगा.
राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनो हमउम्र है, दोनो की उम्र कम है लेकिन इरादे बड़े है. दोनो एक से कपड़े पहनते है. दोनो अपनी राजनीतिक विरासत के उत्तराधिकारी है. दोनो का वर्तमान और भविष्य उत्तर प्रदेश पर टिका है. दोनो बीजेपी को हराना चाहते है और ये दोनो दलित वोटो के लिए मायवती को लेकर नरम है.
 
एक दूसरे को लड़का कहने वाले इन दोनो युवा नेताओ की सियासी दोस्ती ने अपने बुजुर्गो मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव ,शीला दीक्षित और सोनिया गांधी को एक झटके में किनारे लगा दिया है.
 
राहुल गांधी और अखिलेश यादव की बिखरी ताकत मिलने से केजरीवाल की लोकप्रियता, युवा नेता की छवि और विकासपरक सरकार देने के श्रेय में भी सेंध लग गई है.
नरेन्द्र मोदी ने सफेद दाड़ी और बाल के साथ खुद को आाजादी के बाद पैदा हुआ नेता कहकर युवाओ के बीच खुद को एक विकल्प के तौर पर पेश किया था लेकिन अब उन्हे भी नए मुहावरे गढ़ने होंगे. देखते ही देखते लड़के अब बड़े हो रहे है और चुनावी जुमलो का जवाब देना सीख गए है.
अखिलेश और राहुल अपनी चुनावी दोस्ती के दम पर अपनी जमीन को बचाना और गुजरात के नरेन्द्र मोदी और अमित शाह से टकराना चाहते है. दोनो रैलियो और रोड शो में अपना दम दिखा रहे है लेकिन इनकी दोस्ती ने जनता के दिल में कितनी जगह बनाई है ये तो चुनाव नतीजो के बाद ही पता चलेगा.

NO COMMENTS