ट्रंप और मोदी का एकसा नारा, एकसा प्रचार और जीत का एकसा चमत्कार !

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मेरिका में अबकी बार डोनाल्ड ट्रंप की सरकार..मोदी के चुनावी नारे के साथ डोनाल्ड ट्रंप ने मोदी की तरह ही चुनाव में जोरदार जीत दर्ज कर अपने आलोचको का मुंह बंद कर दिया है. मोदी ने अपने चुनाव प्रचार में दुनिया मे भारत की जय-जयकार कराने के सकंल्प का इरादा जताया तो ट्रंप ने भी अमेरिका को फिर से महान बनाने का वादा कर चमत्कार कर दिया. मोदी और ट्रंप अब भारत और अमेरिका की दोस्ती को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. दोनो की जीत का नारा एक है. जीत भी एक सी है. इनका प्रचार भी एक सा रहा और एक सी रही प्रचार के दौरान आई चुनौतिया.

डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हे अमेरिका का 45वां राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी है. प्रधानमंत्री ने अपने पहले ट्वीट में लिखा, “डॉनल्ड ट्रंप, अमेरिका का 45वां राष्ट्रपति चुने जाने पर आपको बधाई”

Congratulations @realDonaldTrump on being elected as the 45th US President.

चुनावी आचार संहिता और आधुनिक समाज के आदर्श के दबाव में जो बात मोदी और ट्रंप मुंह खोलकर नहीं कह पा रहे थे उन्हे इस्लामिक आंतक की दिल दहला देने वाली तस्वीरो की सनसनी ने पूरा कर दिया.

अमेरिका और भारत के अतीत में इस्लाम के आंतकपूर्ण हमले और इस्लामिक कट्टरवाद से भविष्य के भय के बीच खड़े वर्तमान के निष्पक्ष वोटर भी अपना पक्ष चुनने के लिए मजबूर हो गए.

मोदी और ट्रंप दोनो ने अपने धंधे के हुनर को खूब भुनाया. मोदी ने खुद के चायवाला होने और अपने संघर्ष से आगे बढ़ने की कथा सुनाकर आम मतदाताओ से रिश्ता जोडा वहीं ट्रंप ने खुद के एक सफल पूंजीपति होने के नाते पैसा कमाने और  पैसा बनाने के हुनर का प्रचार कर मंदी से परेशान अमेरिकियो का भरोसा जीत लिया.

चुनाव प्रचार के दौरान मोदी की पुरानी निजी जिंदगी को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की गई. मोदी की पत्नी यशोदाबेन से उनके अलगाव को महिला विरोध का रंग दिया गया. उसी तरह ट्रंप की पुरानी निजी जिंदगी के आधार पर उन्हे रंग-रसिया ठहराकर महिलाओ को खिलौना समझने वाला खलनायक बताया गया. लेकिन प्रचार के दौरान ट्रंप ने अपनी बेटी-बेटा और उनकी मां को साथ रखकर अपने चरित्र पर हुए हमले को नाकाम कर दिया. उनसे पहले मोदी ने भी अपने चुनाव प्रचार में बार-बार अपनी मां के संघर्ष के किस्से-कहानिया सुनाकर, महिला शक्ति को नमन कर अपनी पत्नी के अलगाव के सच को बड़ा मुद्दा बनने से रोक दिया.

मोदी की जीत को कुछ लोगो ने हिंदू सत्ता, हिंदुत्व और देश की मूल संस्कृति से जोड़ा है. उसी तरह ट्रंप की टीम ने भी गोरे अमेरिकी,असली अमेरिकी, पारम्पारिक  अमेरिकियो की सुरक्षा और रोजगार और काले अफ्रीकी चेहरे को दूर रखकर ये कामयाबी पाई है.

मोदी ने देश की कमान संभाल चुके एक पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी सोनिया गांधी के चक्रव्यूह को तोड़कर अपनी मंजिल पाई वही ट्रंप ने भी अमेरिका की कमान संभाल चुके एक पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी हिलेरी क्लिंटन को हराया है.

मोदी ने जोरदार जीत के बाद देश में सबका साथ और सबका विकास का प्रण लिया. ट्रंप ने भी अपनी जीत के बाद हर अमेरिकी का राष्ट्रपति बनने का संकल्प लिया है.

मोदी ने अपनी जीत के बाद देश के पुराने दुश्मन पाकिस्तान की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया यहां तक की अपने शपथग्रहण सामारोह में नवाज शरीफ को न्यौता तक भेजा. उसी तरह डोनाल्ड ट्रंप ने भी राष्ट्रपति चुने जाने के बाद दुश्मनी की बात पीछे छोड़कर किसी को भी दुश्मन ना मानने का ऐलान किया है.

मोदी ने पाकिस्तान और चीन जाकर अपनी विदेश नीति से दोस्ती और शांति का संदेश दिया है और अब ट्रंप भी रुस, चीन और खाड़ी के इस्लामिक देशो के दौरे कर ऐसी ही पहल कर सकते है.

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