मुसलमानो के लिए बीजेपी सबसे अच्छी पार्टी -सैयद जफर इस्लाम

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बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम का कहना है कि मुसलमानो के लिए सबसे बेहतर पार्टी बीजेपी है. दूसरी पार्टियो ने मुसलमानो को 70 साल तक वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर उनका पीछे छोड़ दिया लेकिन बीजेपी सबका साथ सबका विकास की नीति के सहत सभी वर्गो के लोगो के लिए काम कर रही है. सैयद जफर इस्लाम के मुताबिक मुस्लिमो को अच्छे नेता चाहिए ना कि मुस्लिम समाज से ही आने वाले नेता. अक्सर दीनी तालीम वाले ही मुसलमानो के नेता बनते लेकिन इससे मुस्लिमो की तकलीफ ना तो कम होती है और ना ही उनका विकास हो पाता है. मुसलमान अपना वोट उन्हे दे जो उनके लिए काम करते है. बीजेपी काम नहीं करती तो वोट मत दो. लेकिन डर से आंख बंदकर एसपी, बीएसपी, कांग्रेस और जेडीयू जैसा साम्प्रदायिक पार्टियो को वोट मत दो.

सैयद जफर इस्लाम ने टीएनआई से खास बातचीत में कहा कि, “मुस्लिमो के लिए जो सबसे ज्यादा काम करें उसे वोट दे. वो वोट बैंक बनकर ना रहे. अफसोस की बात है कि उन्होने अपने वोट को बेच कर रखा है. ये मुस्लिम समुदाय की सबसे बड़ी कमी है कि जो वोट बदलाव और विकास का औजार होना चाहिए उसे ही मुसलमानो ने तीन पार्टियो समाजवादी पार्टी, बीएसपी और कांग्रेस को गिरवी रख दिया है. हमारी कोशिश है कि हम मुसलमानो की इस सोच को बदले.”

सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि, “उत्तर प्रदेश में मुस्लिम उम्मीदवार ना बनाना कोई चूक नहीं है. ये भी सच नहीं है कि बीजेपी मुस्लिमो को वोट नहीं देती है. पार्टी ने मणिपुर और महाराष्ट्र में पहले भी मुसलमानो को अपना उम्मीदवार बनाया है लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसे जीतने वाले उम्मीदवार नहीं मिल पाए. पार्टी जीतने वालो को टिकट देती है, ना कि उसकी जाति, समुदाय या धर्म देखकर. समाजवादी पार्टी में मुस्लिम उम्मीदवार पार्टी के इशारो पर नाचते है तो क्या मुस्लिमो को ऐसा नेतृत्व चाहिए.”

उत्तर प्रदेश के चुनाव प्रचार में पीएम मोदी के क्रबिस्तान और श्मशान बनाने में होने वाले भेदभाव के आरोपो का बचाब करते हुए सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि, “उत्तर प्रदेश हिंदू बहुल राज्य है लेकिन राज्य के बजट में 400 करोड़ से ज्यादा कब्रिस्तान के लिए रखा गया है जबकि करीब 200 करोड़ ही श्मशान के लिए है. मुसलमान जब जिंदा है तो उनकी शिक्षा, उत्थान के लिए समाजवादी पार्टी कुछ काम नहीं करती लेकिन कब्रिस्तान के लिए इतना बजट रखती है”

मुसलमानो पर बीजेपी की नीति पर सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि, “70 साल में मुसलमान का जीवन स्तर गिरता जा रहा है इसके लिए एसपी, बीएसपी, कांग्रेस और जेडीयू जैसी साम्प्रदायिक पार्टियां जिम्मेदार है. ये समाज को बांटकर सत्ता की रोटिया सेंकना चाहती है. मुसलमानो के पिछड़ेपन पर सच्चर कमेटी की रिपोर्ट कांग्रेस के मुंह पर तमाचा है. कांग्रेस ने रिपोर्ट बनवाई तो उस पर काम क्यों नही किया.”

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि “मुस्लिम समाज ऐसा क्यो कहता है कि वो एक झुंड में वोट डालेगे क्या ये शोभा देता है. हमारी कोशिश उन्हे जोड़ने की है. मोदी सरकार की नीति देखकर अब लोगो का रुझान भी बढ रहा है. सरकार उन्हे मुख्यधारा में लाना चाहती है लेकिन समाज को तोड़ कर ही कुछ पार्टिया जीत सकती है. मुस्लिम-यादव जैसे सियासी समीकारण हमने नहीं बनाए है. समाजवादी पार्टी और बीएसपी की सरकार बंटवारे की नीति अपनाती है, हमारी ऐसी नीति नहीं है.”

राम मंदिर पर सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि, “राममंदिर चुनावी मुद्दा नहीं है ये आस्था से जुड़ी बात है. हम राजनीतिक फायदे के लिए मुद्दा नहीं बनाते. राम मंदिर का मुद्दा घोषणा पत्र में है. मामला अदालत में विचाराधीन है. लेकिन ये पार्टी के लिए चुनावी मुद्दा नहीं है. राम मंदिर आम राय से या अदालत से ही बन सकता है. हमारी ईच्छा हे मंदिर बने लेकिन हमारे हाथ बंधे है. दूसरी पार्टिया इसे उठाकर मुद्दा बनाती है लेकिन अब जनता काग्रेस और दूसरी पार्टियो के धुर्वीकरण की कोशिशो को अच्छे से समझती है.”

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना से हिंदुओ के पलायान के दावो को सैयद जफर इस्लाम ने सच बताते हुए कहा कि, “पलायन हुआ है जो गलत है. लेकिन उसके लिए हमने मुसलमानो को नहीं बल्कि गुंडाराज को जिम्मेदार ठहराया है. समाजवादी पार्टी ने गुंडो का राज बना कर रखा था. गुंडे हो सकता है कि एक खास समुदाय के हो और उन्हे सरकार की शह हो.”

तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार के सुप्रीम कोर्ट मे पक्ष पर सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि, “हम तो अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे. सरकार में हो या बाहर ये हमारी जिम्मेदारी है. सबको नागरिक की तरह देखते है और संविधान में जो नागरिक के अधिकार है वो मिलने चाहिए. मुस्लिम महिलाओं के अधिकारो के लिए भी हमने आवाज उठाय़ी है. ये गलत तो नहीं है. सुप्रीम कोर्ट में हमने यही किया.”

सैयद जफर इस्लाम के मुताबिक बीजेपी और मोदी सरकार मुसलमानो के लिए सबका साथ और सबका विकास की नीति पर काम कर रही है. उन्होने कहा कि  “ये सच है बीजेपी को मुस्लिम का वोट नहीं मिलता है. बीजेपी मुस्लिम की समस्या को जानकार उनको मुख्यधारा में लाना चाहती है. मुस्लिमो में शिक्षा को बढ़ाने और उनके विकास के लिए सरकार ने कई कार्यक्रम चलाए है. पीएम की उज्वला स्कीम से 5 करोड़ लोगो को गैस चूल्हा मिलेगा तो क्या मुस्लिम देखकर दे रहे है इससे तो सबका भला होगा. कांग्रेस ने मुसलमानो को जहां छोड़ा वहां से उन्हे मुख्यधारा में लाएंगे.  मोदी सरकार के बाद 2014 से सरकारी नौकरियो में मुस्लिमो की भागीदारी 1.14 बढ़ी है. गुजरात के बारे में भी इतनी बाते होती है लेकिन देश में सबसे संपन्न मुसलमान वहीं है.”

उनके मुताबिक, “मोदी सरकार के 5 साल बाद पूरे होने पर साबित हो जाएगा कि पिछली सरकारो ने मुसलमानो के लिए कुछ नहीं किया. मुसलमानो अपने वोट की कीमत को समझे और बीजेपी से वो छुआछूत जैसा व्यवहार ना करे. साम्प्रदायिक पार्टियो ने जो दिमाग में डाला है उसे समझे.”

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