मंदसौर: मारे गए पांच लोगों के पास ज़मीन का एक टुकड़ा तक नहीं था

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(दायें से बांये तक): अभिषेक (19), सत्यनारायण (30), चैमराम (23), कन्हैयालाल (44) और पूनमचंद (22). Photo: Indian Express

ध्य प्रदेश के मंदसौर में किसान आंदोलन में मारे गए पांच लोगों के पास ना तकदीर थी ना जमीन. मध्यप्रदेश में आगजनी को उतारी भीड़ के ऊपर फायरिंग के बाद इन पांच लोगों की मौत हो गई थी. इन पांच लोगों के बारे में इंडियन एक्सप्रेस ने एक ख़बर छापी है कि ये सब के पास जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा तक नहीं था.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, मंदसौर हिंसा में मारे गए 5 लोगों में 19 साल का ग्यारवीं क्लास का एक छात्र था, जिसे बायोलॉजी से बेहद लगाव था. दूसरा 23 साल का एक बेरोजगार था, जिसकी दो महीने पहले ही शादी हुई थी और वो आर्मी जॉइन करना चाहता था. तीसरा 30 साल का एक मजदूर था. चौथा और पांचवा 22 और 44 साल के दो शख्स थे, दोनों दूसरे के खेतों में काम किया करते थे, उनके नाम जमीन का एक छोटा टुकड़ा भी नहीं था. अब इन परिवार वालो के परिजनों के पास सिर्फ एक ही सवाल बचा है आखिर क्यों इन्हें मारा गया? पांचों लोगो के पास जमीन का एक टुकड़ा भी नहीं था कि वे खेतीबाड़ी कर सके.

19 साल के अभिषेक दिनेश पटिदार एक छात्र थे. उन्हें बायलॉजी से बहुत प्यार था. दिनेश के 55 वर्षीय बूढ़े पिता बताते है कि उनका बेटा सिर्फ नारे लगा रहा था, दिनेश ने कभी हिंसा में भाग नहीं लिया तो फिर क्यों उसे मारा गया. पिता का कहना है कि अभिषेक को बिल्कुल नजदीक से गोली मारी गई थी. एक गोली पेट में लगी और एक कंधे पर.

आपको बता दे, राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही हिंसा को रोकने के लिए केंद्र से अतिरिक्त सुरक्षा बल मंगवाया है.

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