नक्सली हमले में 26 जवान शहीद

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सुकमा में सोमवार को नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद हो गए. नक्सली हमले के बाद कुछ हथियार भी लूटकर ले गए. चितांगुफा और बुरकापाल के करीब बन रही सड़क की सुरक्षा के लिए पहुंची सीआरपीएफ की पेट्रोल पार्टी पर करीब 300 नक्सलियो ने अचानक हमला बोल दिया. जवानो की जवाबी फायरिंग में 10 से ज्यादा नक्सलियों के भी मरने का अनुमान है. सुकमा में 11 मार्च को भी नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया था. उस हमले में 12 जवान शहीद हो गए थे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया कि, “छत्तीसगढ़ में हुआ हमला दुखद और कायराना हरकत है. हम हालात पर नजर रख रहे हैं. सीआरपीएफ जवानों की बहादुरी पर हमें फख्र है, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. शहीद जवानों के परिवारों के लिए मैं संवेदना जाहिर करता हूं.”

सीआरपीएफ के मुताबिक, “हमले में 26 लोग मारे गए. सर्च ऑपरेशन अभी जारी है. 7-8 जवान अभी भी लापता हैं. हमले के बाद घायल जवानो को हेलिकॉप्टर के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया. सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन को इलाके में एंटी नक्सल ऑपरेशन में जुट गई है. फोर्स के कोबरा कमांडोज और आसपास की दूसरी यूनिट्स भी मदद के लिए पहुंच गई”

हमले के बाद मुख्यमंत्री रमण सिंह को अपना दिल्ली दौरा छोड़कर रायपुर लौटना पड़ा. हमले के बाद नक्सल चुनौती से निपटने के लिए उन्होने अफसरों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की और वो घायल जवानो को देखने अस्पताल भी गए.

प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी ने कहा, “मैं सुकमा में हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं. शहीदों को मेरी श्रद्धांजलि. शहीदों के परिजनों के लिए मैं संवेदनाएं जाहिर करता हूं.”

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, “सुकमा में सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने पर गहरा अफसोस है. शहीदों को मेरी श्रद्धांजलि और उनके परिवारों के लिए मैं संवेदना जाहिर करता हूं. ये हमला एक चुनौती भी है.”

सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने सुकमा हमले की निंदा की है. राहुल ने कहा कि, “सुकमा अटैक में शहीद सीआरपीएफ जवानों के परिवारों के लिए संवेदना व्यक्त करता हूं. हम बहादुर जवानों के बलिदान को सलाम करते हैं.”

गौरतलब है कि, सुकमा में 11 मार्च को हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद हो गए थे. 2010 में भी इसी इलाके में नक्सलियो के हमले में 76 जवान शहीद हो गए थे.

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