दिल्ली में ही नहीं शिमला और हैदराबाद में भी है राष्ट्रपति भवन

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पने दिल्ली में राष्ट्रपति भवन तो देखा ही होगा साथ ही आपको उसके अंदर जाने का मौका भी मिला होगा लेकिन क्या आपको पता है कि देश में दो जगह भारत के राष्ट्रपति का आवास है. यानि देश में कुल मिलाकर तीन जगहों पर राष्ट्रपति भवन बना हुआ है. पहला दिल्ली का राष्ट्रपति भवन है. दिल्ली के अलावा शिमला और हैदराबाद में भी राष्ट्रपति भवन बने हुए है. राष्ट्रपति इन दो राष्ट्रपति भवनों में समय समय पर जाते है.

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शिमला में मशोबरा की पहाड़ी की चोटी पर स्थित राष्ट्रपति भवन 167 साल पुराना है. यह राष्ट्रपति भवन लकड़ी से बना है और इस भवन का अधिग्रहण वायसराय द्वारा 1895 के दौरान किया गया था.

गर्मियों में राष्ट्रपति शिमला में स्थित इस राष्ट्रपति भवन में जाते है और एक दो सप्ताह राष्ट्रपति पद का कामकाज यहीं से चलाते है.

ऐसा ही राष्ट्रपति भवन हैदराबाद में मौजूद है. हैदराबाद में मौजूद राष्ट्रपति भवन निलायम 90 एकड में फैला भवन है. राष्ट्रपति यहां सर्दियों में जाते है और यहीं से पद का कामकाज संभालते है.

मशोबरा में बने भवन की एक खासियत यह है कि यह पूरी तरह लकड़ी के ढांचे से बना हुआ है. मूलत: 1850 में निर्मित यह भवन 10628 वर्ग फुट के क्षेत्र में फैला हुआ है. रिट्रीट में कुल 16 कमरे हैं. 1962 में तत्कालीन राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने इसे एडवांस्ड स्टडी के लिए दे दिया था जिसके बाद छराबड़ा के रिट्रीट को राष्ट्रपति निवास बनाया गया.

राष्ट्रपति निलायम

nilayamभारत की स्वतंत्रता के बाद बोलारम स्थित राष्ट्रपति भावन निलायम की इमारत को हैदराबाद के निजाम से अधिग्रहण करके राष्ट्रपति सचिवालय को सौंप दिया गया था. इस एक मंजिला इमारत के परिसर में 11 कमरे हैं. इसमें डाइनिंग हॉल, सिनेमा हॉल, दरबार हॉल, मॉर्निंग रूम, डाइनिंग रूम आदि भी हैं.

राष्ट्रपति अपने दोनों रिट्रीट पर साल में कम से कम एक बार जाते हैं. इस प्रवास के दौरान उनका कार्यालय भी साथ रहता है. भारत के राष्ट्रपति की वेबसाइट के अनुसार, शिमला स्थित ‘रिट्रीट बिल्डिंग’ और हैदराबाद में मौजूद राष्ट्रपति निलायम, ”भारत के राष्ट्रपति कार्यालय की एकीकृत भूमिका के प्रतीक हैं. इन स्थानों का देश के उत्तर और दक्षिणी हिस्से में होना हमारे देश और हमारी विविध संस्कृतियों और लोगों की एकता का प्रतीक है.

हाल ही में असम के मुख्यमंत्री सर्बानंदा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करके नॉर्थईस्ट में भी राष्ट्रपति भवन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है. ऐसा इसलिए किया गया ताकि नॉर्थईस्ट के राज्यों को भी राष्ट्रपति की मेहमान नवाजी का मौका मिल सके.

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