जब भारतीय सेना के अदम्य साहस को देख दुनिया हुई हैरान

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भारतीय आर्मी को दुनिया की सबसे खतरनाक आर्मी माना जाता है. भारतीय आर्मी ने ऐसे ऐसे ऑपरेशन किए है जिसे देखकर सुनकर हर भारतीय का सीना चौड़ा हो जाता है. देश की सीमा की रक्षा करने के लिए भारतीय सेना हर वक्त तत्पर रहती है.

पीओके में आतंकियों पर सर्जिकल स्ट्राइक

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भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पहली बार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक की. इस ऑपरेशन में आतंकियों के पांच ठिकाने ध्वस्त किए गए. इस ऑपरेशन को सेना के स्पेशल कंमाडों द्वारा अंजाम दिया गया. 28-29 सितंबर, 2016 की रात को पीओके में आतंकियों के ठिकानों को भारतीय आर्मी ने ध्वस्त कर दिया था. इससे पहले म्यांमार में भी भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक किया था.

भारतीय सेना ने उरी हमले में आतंकियों द्वारा मारे गए 18 भारतीय जवानो की मौत का बदला इस सर्जिकल स्ट्राइक से लिया. भारत ने पूरी दुनिया को बता दिया कि वह अपने देश की रक्षा के लिए कुछ भी कर सकता है. पाकिस्तान को इस स्ट्राइक की मार ऐसी पड़ी थी कि ना तो वो इस स्ट्राइक को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्वीकार कर सकता था ना अस्वीकार. इस स्ट्राइक पर दुनिया के किसी भी देश ने सवाल खड़े नहीं किए, क्योंकि भारत ने किसी भी तरह अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन नहीं किया था. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. आपको बता दे, इस ऑपरेशन में पैरा स्पेशल फोर्स के 25 कमांडो एमआई-17 हेलिकॉप्टरों में सवार होकर पीओके में तीन किलोमीटर अंदर तक गए थे और आतंकियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया.

म्यांमार में भारतीय सेना का पहला क्रॉस-बॉर्डर  ऑपरेशन

पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक से पहले पहली बार इंडियन आर्मी ने दूसरे देश की सीमा में कोई सर्जिकल स्ट्राइक की. 4 जून, 2016 को मणिपुर के चंदेल जिले में आतंकियों ने बीएसएफ के सिक्स डोगरा रेजिमेंट के काफिले पर हमला किया, इसमें 18 जवान शहीद हुए थे. इस घात लगाकर किए गए हमले के बाद आर्मी ने पांच दिन म्यांमार ऑपरेशन की तैयारी की. इसके बाद आर्मी कमांडोज ने म्यांमार सीमा में घुसकर आतंकियों के दो कैंप तबाह किए, इस दौरान करीब 100 आतंकी मारे गए. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ था. इस ऑपरेशन को देर रात तीन बजे अंजाम दिया गया.

कारगिल युद्ध- ऑपरेशन विजय

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भारतीय आर्मी ने पाकिस्तान को कई मौको पर धूल चटाई है. इसी सूची में कारगिल युद्ध का ऑपरेशन विजय शामिल है. ऑपरेशन विजय में पाकिस्तानी घुसपैठियों को भारतीय सेना ने सबक सिखाया और सीमा से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया. इस युद्ध में पाकिस्तान से 5000 पाकिस्तानी जवानो को भेजा गया था. इस ऑपरेशन में सेना ने हवाई हमले भी किए. जिससे दुनिया को पता चल गया कि भारत हवाई हमलों से भी अपनी सीमा अपने देश की रक्षा कर सकता है.

ऑपरेशन ब्लैक टोर्नाडो

2008 में हुए 26/11 मुंबई हमले में एनएसजी कमांडो ने आतंकियों के साथ लोहा लिया. एनएसजी कमांडो ने नरीमन हाउस, ताज और ओबरॉय हॉटल में किए अपने इस ऑपरेशन में करीब 500 से ज्यादा बंधकों को बचाया. पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित इस आतंकी हमले में 250 से ज्यादा भारतीय लोगों की मौत हुई थी. ज्यादा नुकसान को रोकने के लिए एनएसजी कमांडो ने हैलिकॉप्टर्स से ताज हॉटल में प्रवेश किया. इस ऑपरेशन के बाद दुनियाभर में भारतीय सेना की खूब तारीफ हुई और करीब 25 देशों ने भारतीय सेना से इस तरह के ऑपरेशन को कैसे अंजाम दिया जाए इसपर जानकारी ली.

ऑपरेशन कैक्टस (1988)

इस ऑपरेशन को भारतीय आर्मी ने मालदीव में अंजाम दिया. तात्कालिक राष्ट्रपति अब्दुल गयूम की सरकार के तख्तापलट को रोकने के लिए भारतीय आर्मी ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया. गयूम की मालदीव सरकार ने भारत से अपनी सरकार के तख्तापलट को रोकने के लिए सैन्य सहायता मांगी थी.

हथियारबंद हमलाबरो ने सारे सरकारी ठिकानों पर कब्जा कर लिया था. ऐसे में मालदीव के सैन्य मदद की मांंग पर भारत से 1600 जवानों को भेजा गया. भारतीय जवानो ने तख्तापलट की कोशिश को रोक दिया और लोकतंत्र को बचाया. इस ऑपरेशन के बाद भारतीय आर्मी का दबदबा विश्व की सैना में बढ़ गया.

ऑपरेशन पोलो

ऑपरेशन पोलो हैदराबाद की पुलिस का कोड है. इस ऑपरेशन को सितम्बर 1948 में चलाया गया था. ये एक सैन्य अभियान था, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों ने निज़ाम-शासित रियासत पर हमला किया और इसे भारतीय संघ में शामिल करने का ज़िम्मा उठाया.

ऑपरेशन विजय

आजादी के बाद ब्रिटिश और फ्रांस के सभी अधिकार खत्म हो गए थे. भारत पूरी तरह से आजाद हो चुका था. इसके बावजूद भारतीय उपमहाद्वीप गोवा, दमन और दीव में पुर्तगालियों का शासन था. पुर्तगाली बार-बार बातचीत की मांग को ठुकरा रहे थे, जिसके बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन विजय के तहत 18 दिसंबर 1961 में सेना की छोटी टुकड़ी भेज कर उनके खिलाफ कार्यवाही की. अगर भारत अपने इस अहम हिस्से को भारत में नहीं मिलाता तो आज भी भारत की धरती पर विदेशी ताकतों का राज होता.

भारतीय सेना के ऑपरेशन्स की एक लंबी लिस्ट है चाहे वो 1971 में बांग्लादेश की आजादी के लिए पाकिस्तान के साथ हुआ युद्ध हो या फिर सियाचिन का ऑपरेशन मेघदूत हो. भारतीय सेना चाहे सबसे ज्यादा ऊंचाई पर युद्धक्षेत्र (सियाचिन) हो या फिर दूसरे देश में सर्जिकल स्ट्राइक, कभी पीछे नहीं हटती है.

आपको बता दे, अभी अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा पर हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सैना ने ऑपरेशन शिवा चला रखा है. इस ऑपरेशन के जरिए उन आतंकियों को ढ़ूंढ़ा जा रहा है जिन्होंने अमरनाथ यात्रा पर जा रही बस पर निशाना बनाया था. इस आतंकी हमले में 6 लोग मारे गए थे.

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