गुजरात चुनाव से पहले नाराज पटेलो का दिल जीत पाएंगे मोदी ?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के गुजरात दौरे पर बीजेपी से नाराज पटेल समाज का दिल जीतने में जुटे रहे. बीजेपी राज्य की 182 सीटो में से 150 सीटे जीतना चाहती है लेकिन राज्य की 20 फीसदी आबादी वाले पटेल समुदाय के समर्थन के बिना ये कतई मुमकिन नहीं है. मोदी ने पटेलो के गढ़ सूरत में रोड शो किया. एक सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल और हीरा पॉलिशिंग सेंटर का उद्घाटन भी किया. अस्पताल के उद्घाटन के वक्त वो भावुक भी हुए और सड़क पर एक 4 साल की बच्ची के लिए उन्होने अपना काफिला रोककर और उसे लाड़-दुलार भी किया.

मोदी और अमित शाह के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने गृहराज्य गुजरात के विधानसभा चुनावो में बीजेपी को जोरदार जीत दिलाना है. पीएम मोदी का पिछले 40 दिन में गुजरात का ये दूसरा और 9 महीने में 8वां दौरा है. बीजेपी में जून के महीने में ही राज्य के चुनाव करवाने पर भी मंथन हो रहा है. जुलाई-अगस्त में मानसून की बारिश से प्रचार में दिक्कते आ सकती है.

पीएम मोदी जब अपने काफिले से गुजर रहे थे तब एक 4 साल की बच्ची सड़क पर दौड़कर उनकी गाड़ी के पास आ गई. बच्ची को देखकर मोदी ने अपनी गाड़ी को रुकवाया और बच्ची से लाड़ भी जताया. बच्ची के पिता ने बताया कि, “उनकी बेटी मोदी से मिलने की बात अक्सर कहती थी और मौका मिलते ही उसकी मोदी से मिलने की तमन्ना पूरी भी हो गई.”

सूरत में पीएम मोदी की अस्पताल में संबोधन के वक्त आंखे भर आई. मोदी ने कहा कि, “सूरत के लोगो से उन्हे आज भी पुराना प्यार मिलता है और वो कभी महसूस ही नहीं होने देते की मै प्रधानमंत्री हूं.”

सूरत शहर पटेलो का गढ़ है और नाराज पटेलो का दिल जातने के लिए मोदी ने पटेल समाज के ट्रस्ट के 400 करोड़ रुपये में बने किरण मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर और एक हीरा पालिशिंग सेंटर का भी उद्घाटन किया. मोदी ने कहा कि, “सूरत के लोगों को पता था कि प्रधानमंत्री को क्या खाना है. रविवार रात सर्किट हाउस में बाजरे की रोटी के लिए फोन आया. एक परिवार का खिचड़ी भेजने के लिए फोन आया. आज सुबह भी एक परिवार ने खाखरी भेज दिया. ये वो लोग हैं जो गांव में खेत की मिट्टी खाकर बढ़े हुए हैं.ये वो लोग हैं जो अपने दोस्तों के साथ अमली-पिपली खेलते हैं. ये लोग साइकिल के टायर को दौड़ाते हुए मज़ा लेते थे.”

रविवार को सूरत में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने रोड शो से एक तरह से बीजेपी के चुनाव प्रचार का शंखनाद कर दिया. बीजेपी ने गुजरात की 182 सीट में से बीजेपी 150 सीटो जीतने का टारगेट रखा है. लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल ये है कि राज्य के 20 फीसदी पटेल पार्टी से नाराज है. ओबीसी में आरक्षण की मांग कर रहे पटेल-पाटीदार समाज ने बीजेपी को वोट ना देने का ऐलान किया है. पटेलो के युवा नेता हार्दिक पटेल बीजेपी को निशाने पर लिए हुए है औऱ शिवसेना ने तो उन्हे अपना सीएम उम्मीदवार तक कह दिया है.

आंदोलन की आरक्षण क बीजेपी 2015 के आखिर में स्थानीय चुनावों में कुछ सीटें गंवाकर जीत गई थीं, लेकिन जिला पंचायत और तहसील पंचायत में बीजेपी की बुरी तरह हार हुई थी.

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