कैंसर पीड़ित बच्चे के लिए अपना रियो ओलंपिक मैडल करेंगे नीलाम!

0
766
रियो ओलंपिक में सिल्वर मैडल के साथ पियोत्र मैलाचॉवस्की.
पोलैंड के चक्का फेंक खिलाड़ी पियोत्र मैलाचॉवस्की ने रियो में जीते सिल्वर मैडल को नीलाम करने का फैसला लिया है. पियोत्र ने 3 साल के बच्चे की जान बचाने के लिए ऐसा फैसला लिया है. पोलैंड के ओलेक जिमांस्की 3 साल के है. वह आंख के कैंसर से जूझ रहे है. ओलेक पिछले 2 साल से आंख के कैंसर रेटिनोब्लास्टोमा (retinoblastoma) से जूझ रहे है. यह कैंसर बच्चों में ज्यादा फैलता है.
     
     पाइए खबर अपने फेसबुक पेज पर. LIKE कीजिए THENEWSINDIA का FACEBOOK  पेज.
olek 
पियोत्र मैलाचॉवस्की ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर दी. उन्होंने लिखा, ओलेक की आंखों को पोलैंड में बचाना संभव नहीं है. इलाज के लिए न्यूयॉर्क जाना होगा. इसलिए इलाज के लिए मैडल की नीलामी कर पैसा जुटाया जाएगा.
 
इस मेडल की ऑनलाइन नीलामी, Siepomaga नाम की एक फाउंडेशन द्वारा की जाएगी. इस नीलामी से पियोत्र कम से कम 85 लाख रुपये जमा करना चाहते हैं. पियोत्र ने आगे लिखा, मैं आप सभी को नीलामी के लिए आमंत्रित करता हूं.
 
medalआपको बता दे, पियोत्र मैलाचॉवस्की ने 2008 के बीजिंग और 2016 के रियो ओलंपिक के चक्का फेंक प्रतियोगिता में सिल्वर मैडल जीते है. अब रियो में जीते सिल्वर मैडल की नीलामी शुरू हो चुकी है. 26 अगस्त तक इस मैडल की नीलामी चलेगी. जितना भी पैसा इससे मिलेगा उसे ओलेक के इलाज में लगाया जाएगा.
पियोत्र ने लिखा, रियो में मैंने गोल्ड के लिए संघर्ष किया. आज मैं अपील करूंगा कि आइए हम सब मिलकर एक ज्यादा मूल्यवान चीज के लिए संघर्ष करें. इस शानदार बच्चे के स्वास्थ्य के लिए संघर्ष करें. ताकि मेरा सिल्वर मेडल बच्चे के लिए गोल्ड से ज्यादा कीमती होगा.
‘द न्यूज इंडिया’ पियोत्र मैलाचॉवस्की के इस त्याग को सलाम करता है. किसी भी खिलाड़ी का मैडल उसके लिए सबसे अनमोल चीज होती है. लेकिन पियोत्र ने मानवता की खातिर अपनी इस अनमोल चीज को एक मासूम की आंखों को बचाने के लिए नीलाम करने का कठिन फैसला लिया है.
.

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY