किराए की कोख से मम्मी-पापा बनना अब मुश्किल!

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स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सरोगेसी कानून से संबंधित बने बिल के प्रारूप को केंद्रीय कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है. इस बिल के प्रारूप में कई कड़े प्रावधान रखे गए है. अब सिर्फ इनफर्टिलिटी होने पर ही सरोगेसी की मदद मिल सकेगी. साथ ही अविवाहित पुरुष या महिला, अविवाहित जोड़ा, लिव इन रिलेशनशिप या समलैंगिक जीवन में रह रहे जोड़े को सरोगेसी से वंचित कर दिया गया है. साथ ही कोख के व्यावसायिकरण को रोकने के लिए भी कड़े प्रावधान बनाए गए है.

आपको बता दे, सरोगेसी की मदद से जाने माने कलाकारों ने अपने बच्चों को जन्म दिया है. हाल ही में तुषार कपूर कुंवारे बाप बने है. तुषार सरोगेसी की मदद से एक लड़के के पिता बने है. उन्होंने अपने लड़के का नाम लक्ष्य कपूर रखा है. लेकिन अब कानून बन जाने के बाद ऐसा करना आसान नहीं होगा. क्योंकि अब सिंगल पेरेंट्स को इस कानून में सरोगेसी से वंचित कर दिया गया है.

shahrukh

सुपरस्टार शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान ने अपनी तीसरी संतान अब्राहम का जन्म आईवीएफ तकनीक के जरिए सरोगेसी से कराया है. नए प्रावधानों के अनुसार अब ऐसा करना भी आसान नहीं होगा. क्योंकि पहले से अगर विवाहित जोड़े के पास संतान है. तो वे सरोगेसी की मदद नहीं ले सकते.

बॉलीवुड के परफेक्शनिस्ट आमिर खान और किरण राव खान का बेटा आजाद राव खान भी सरोगेसी से इस दुनिया में आया है. वहीं, फराह खान और शिरीष कुंदर के तीन बच्चे आईवीएफ तकनीक के जरिए हुए हैं.

सरोगेसी के लिए बने कानून में प्रावधान किया गया है कि अगर शादी के बाद पांच साल तक दंपति के पास संतान नहीं है. तो वे सरोगेसी की मदद ले सकते है. लेकिन इसके लिए उन्हें मेडिकलिअनफिट का सर्टिफिकेट दिखाना होगा. नए कानून के प्रारूप में सरोगेट मदर और जन्में बच्चे की अनदेखी के लिए 10 साल की सजा और 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

सरोगेसी के लिए उम्र सीमा भी तय कर दी गई है. पुरुष की उम्र 26-55 और महिला की उम्र 25-50 के बीच में होनी चाहिए. इस उम्र सीमा वाले बीच में ही सरोगेसी के लिए आवेदन किया जा सकता है. केंद्र मंत्री सुषमा स्वराज ने साफ कर दिया है कि सरकार कोख के व्यावसायिकरण को पूरी तरह से रोकना चाहती है. उन्होंने इशारों इशारों में कई सैलिब्रेटियों पर निशाना साधा. सुषमा ने कहा, कुछ लोग सरोगेसी का सिर्फ इसलिए उपयोग करते है ताकि उनकी पत्नी प्रसव के दर्द से बच सके. इससे गरीब महिला का शोषण होता है.

प्रस्तावित सरोगेसी कानून से जुड़ी बड़ी बातें:
1. अविवाहित जोड़ा सरोगेसी का फायदा नहीं ले सकता.
2. मेडिकल फिट जोड़े को सरोगेसी का फायदा नहीं.
3. सिर्फ विवाहित महिला ही बन सकती है सरोगेट मदर.
4. कोख के व्यावसयिकरण को रोकना मक्सद.
5. लिव इन रिलेशन और समलैंगिक जीवन में रह रहे जोड़े को सरोगेसी की फायदा नहीं.
6. एक महिला सिर्फ एक बार सरोगेट मदर बन सकती है
7. भारतीय नागरिकों को ही मिलेगा फायदा.

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