ऑक्सीजन की कमी से बच्चे मौत से लड़ते रहे और अस्पताल प्रशासन सोता रहा

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त्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज के बाल रोग वा मेडिसिन के वार्डों में ऑक्सीजन की कमी से 48 घंटे में 48 की मौत हो गई है. मरने वालो में बाल रोग वार्ड के 30 मासूमों के अलावा मेडिसिन के वार्ड नंबर 14 में भर्ती 18 मरीज भी हैं. हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत नहीं हुई है लेकिन सामने आए एक पत्र से प्रशासन की नाकामी की  पोल खुल गई है. इस पत्र में साफ शिकायत की गई है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी है और कंपनी ने बाकाया ना चुकाने के चलते ऑक्सीजन की सप्लाई करना बंद कर दिया है.

यह पत्र बी आर डी मेडिकल कॉलेजे (बाल रोग विभाग) के विभागध्यक्ष को लिखा गया था. लेकिन इस शिकायत के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया.

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इस हादसे के बाद अब अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठ रहे है क्योंकि ऑक्सीजन की कमी से एक तरफ बच्चे मौत से लड़ रहे थे तो दूसरी तरफ प्रशासन चैन की नींद सो रहा था. इस हादसे के बाद राज्य की योगी सरकार पर सवाल खड़े हो रहे है, करीब 20 साल तक गोरखपुर के सांसद रहे योगी आदित्यनाथ के गढ़ में इतना बड़ा हादसा हुआ है. अब वह यूपी के मुख्यमंत्री भी है.

इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा है. सोशल मीडिया पर सभी इस हादसे को लेकर सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे है. हादसे के बाद हरकत में आई योगी सरकार ने अब जांच दल बनाकर गोरखपुर भेजा है ताकि पता चल सके कि प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी को रोकने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए.

नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने इस हादसे के बाद ट्विटर पर दुख जताया और जांच की मांग की. उन्होंने लिखा, ’30 बच्चों की ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हो गई. यह हादसा नहीं बल्कि सामूहिक हत्याकांड है’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले कोे देखना चाहिए.

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