संपादकीय: इस्लामी आतंक की आग से डरे अरब देश !

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कुवैत की पाकिस्तान समेत 5 मुस्लिम देशो पर रोक और संयुक्त अरब अमीरात का ट्रंप के 7 मुस्लिम देशो के नागरिको पर वीजा प्रतिबंध का समर्थन उन लोगो के मुंह पर करारा तमाचा है जो आतंक की आग से आंख मूंदकर आतंक को रोकने के लिए किए जाने वाले प्रयासो को ही अमानवीय बताकर कठघरे में खड़ा कर देते है.

इस्लाम की जन्मभूमि अरब देश भी अब इस्लामी आतंक की आग से डर गए है. जिस धर्म को शांति का पैगाम देने वाला माना जाता है उसी इस्लाम धर्म का नाम ले-लेकर जेहादियो ने अपने जुल्मो सितम से उसकी साख पर दाग लगा दिया है.

आईएसआईएस के जेहादियो ने जब अपने जुल्मो-सितम के खौफनाक वीडियो से दुनिया को हिला दिया तो इस्लाम को बदनाम होने से बचाने के लिए सऊदी अरब समेत 10 मुस्लिम अरब देश उसके खिलाफ तनकर खड़े हो गए.

अरब देशो को उम्मीद थी कि अपने परमाणु बम को इस्लाम का परमाणु बम बताने वाला पाकिस्तान भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा लेकिन लाखो की सेना रखने वाला पाकिस्तान मौके पर दगा दे गया.

अफगानिस्तान में तालिबान को खड़ा करने वाला और अलकायदा के बिन लादेन को अपने घर में छुपाने वाला पाकिस्तान दरअसल अपने परमाणु बम और प्रशिक्षित सेना के दम पर अरब देशो को अपने बराबर का मुल्क नहीं समझता है.

पाकिस्तान को लगता है कि अरब देशो के तेल को सुरक्षित रखने- खरीदने के लिए अमेरिका इन देशो से दोस्ती दिखाता है लेकिन गरीब और फटेहाल मुल्क होने पर भी पाकिस्तान के बम और सेना के दम की वजह से अमेरिका घर बैठे ही उसे मुंह मांगी रकम देता रहता है.

अरब के मुस्लिम देशो को तेल बेचकर अचानक से ही बेशुमार दौलत मिल गई है. इन देशो में स्थानीय आबादी बहुत कम है जो रेगिस्तानी इलाको में फैली है. बड़े शहरो में प्रवासी लोग अर्थव्यवस्था को चलाते है.

अरब देशो में आबादी कम होने से उनकी सेना भी कम है और जो सैनिक है वो भी पूरी तरह से प्रशिक्षित ना होकर भाई-भतीजावाद और कबीले के बहुमत और दबाव में चुने जाते है.

इस्लाम धर्म के घर अरब देशो में इस्लामी आतंक एक ऐसी चुनौती के रुप में सामने आ रहा है जिसके जेहादी किसी भी हद तक जाने को तैयार है. वो अरब शासको को पश्चिम की कठपुतली और इस्लाम-शरीयत का गद्दार बताकर लोगो को भड़काने में कामयाब हो रहे है. यही वजह है कि इस्लामी आंतकवाद के खिलाफ आवाज उठाने और उन्हे हराने के लिए अरब देश गोलबंदी करने को मजबूर हो गए है.

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