आईएसआई के 11 एजेंट में कोई मुस्लिम नहीं एक बीजेपी का सदस्य- दिग्विजय सिंह

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ध्य प्रदेश एटीएस ने आईएसआई एजेंटों के एक बड़े नेटवर्क का भांडाफोड़ कर 11 जासूसो को पकड़ा है. आरोपियों से तीन हजार से ज्यादा सिम कार्ड, 50 मोबाइल फोन, 35 सिम बॉक्स जब्त किए गए हैं. पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वालो में एक आरोपी ध्रुव सक्सेना ‘भारतीय जनता युवा मोर्चा’ के आईटी सेल का मेंबर बताया जा रहा है. ध्रुव सक्सेना के बीजेपी कनेक्शन के बाद कांग्रेस ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.

एटीएस की गिरफ्त में आए आईएसआई के 11 जासूसों में से एक ध्रुव सक्सेना का बीजेपी कनेक्शन निकलने के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि, “भोपाल में पकड़े गए ISI एजेंटों में एक भी मुसलमान नहीं है. उनमें एक भाजपा का सदस्य है. मोदी भक्तों कुछ सोचो !”3361

मध्य प्रदेश एटीएस के शिकंजे में आए ध्रुव सक्सेना अक्सर शोसल मीडिया पर बीजेपी के नेताओ के साथ अपनी तस्वीरे पोस्ट कर अपना प्रभाव जमाता था. प्रदेश कांग्रेस स्पोक्सपर्सन केके मिश्रा ने दावा किया कि, “एक आरोपी ध्रुव सक्सेना ‘भारतीय जनता युवा मोर्चा’ के आईटी सेल का मेंबर है.”

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. इसके जवाब में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने दो टूक कहा कि, “ वे ध्रुव को नहीं जानते और न ही उसका पार्टी से कोई संबंध है.”

बीजेपी के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अंशुल तिवारी ने भी कहा है कि, “ध्रुव हमारा मेंबर नहीं है. आईटी सेल में उसकी मदद जरूर ली गई है.”

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वालो का सरगना बलराम है. उसने दुबई में आईएसआई से ट्रेनिंग भी ली है.10 वीं पास बलराम ने जम्मू-कश्मीर समेत देशभर में 100 से ज्यादा बैंक अकाउंट खुलवा रखे थे.

एटीएस ने 11 लोगो को जासूसों के आरोप में गिरफ्तार किया है. इनमें ग्वालियर से 5, भोपाल से 3, जबलपुर से 2 और सतना से 1 को शिकंजे में लिया गया. एक आरोपी ग्वालियर से भाजपा पार्षद का रिश्तेदार है. इनसे तीन हजार से ज्यादा सिम कार्ड, 50 मोबाइल फोन, 35 सिम बॉक्स जब्त हुए हैं.

एटीएस के मुताबिक ये समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज चलाकर सूचनाए भेजते थे. मनी लॉन्डिंग और ऑनलाइन फ्रॉड में भी इस एक्सचैंज का इस्तेमाल हो रहा था. इनका राज पिछले साल नवंबर में जम्मू-कश्मीर के आरएसपुरा से पकड़े गए दो आंतकवादी सतविंदर सिंह और दादू ने खोला था. उन्होने खुलासा किया था कि मध्य प्रदेश से इन्हें सेना से जुड़े पुल, कैंप, शिविर और मूवमेंट की जानकारियां मिला करती थीं जिसके बदले में मोटी रकम सतना के बलराम के खाते में पाकिस्तानी हेंडलर्स ट्रांसफर करते थे.

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